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Nawazuddin siddiqui

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  Nawazuddin siddiqui को आज सभी लोग जानते है।ये इंडियन actor आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है।बहुत ही बहरीन actore है।उन्होंने अपनी acting से आज बहुत से लोगों को अपना दीवाना बना लिया है। आज nawazuddin siddiqui  लोगों के दिलों मे राज करते है।इन्होंने इंडियन सिनेमा को नई पहचान दी है।इन्होंने बताया है। जरूरी नहीं है।की फिल्मों में हीरो की बॉडी सोड़ी सकल सूरत डोले शोले होना जरूरी नहीं है।बस एक्टिंग का  जुनून होना चाहिए। ये बस अपनी aoudians के दिलों में ही नहीं बल्कि bollywood के भी कई लोगों के दिलों में राज करते है। Today everyone knows Nawazuddin Siddiqui. This Indian actor needs no introduction today. He is a very famous actor. He has made many people his fans with his acting. Today Nawazuddin Siddiqui rules the hearts of people. He has given a new identity to Indian cinema. He has told that it is not necessary for a hero to have a good body or a good looks in films. He just needs to have a passion for acting. He rules not only in the hearts of his audience but also in the ...

एक विकलांग इंसान भी अमीर बन सकता है।।

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  एक विकलांग इंसान भी अमीर बन  सकता है Even a disabled person can become rich आज हम जानेंगे कि एक विकलांग इंसान अमीर कैसे बन सकता है।जैसा कि हम जानते है।की हमारा दिमाग हमारी पूरी बॉडी को cantrol करता है।पूरी बॉडी में signal हमारा दिमाग ही भेजता है।भगवान ने हमारा दिमाग कुछ हट के बनाया है। दिमाग use करके इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता है।सब कुछ हमारे दिमाग की सोच पर डिपेंड करता है।कि आप किस तरह की सोच रखते हो कैसे सोचते हो।अगर एक बार दिमाग में ये सोच बैठ जाए न कि ऐसा कौनसा काम है ।जो में नहीं कर सकता ।में सब कुछ कर सकता हु। फिर चाहे आप विकलांग क्यों न हो ।आप उसे हासिल कर ही लेते है।एक विकलांग इंसान की ताकत उसका दिमाग होता है।क्योंकि दिमाग सबका एक होता है।सोचने समझने की शक्ति भी सबमें एक जैसी होती है।एक इंसान जो विकलांग था ।वो पहाड़ पर चढ़ जाता है।सोचो उसने अपने आप को कभी विकलांग समझा होगा।उसकी सोच कैसी होगी।अमीर इंसान कोई भी बन सकता है।बस वो इंसान कैसी सोच रखता है। Today we will know how a handicapped person can become rich. As we know, our brain controls our whole body. It is...

भगवान का अस्तित्व इस दुनिया है।या नहीं।

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भगवान का अस्तित्व इस दुनिया में या नहीं। भगवान का अस्तित्व है।या नहीं।अगर है तो भगवान कहा पर है। ये सवाल हमारे मन में कई बार आता है।ओर ये सवाल हमारे मन में कब ओर किस परस्थिति में आता है। ये भी आप सभी को पता है।जब भी हम किसी मुसीबत में फंसते है।या फिर हम दुःखी होते है तभी हमारे मन में भगवान का चिंतन आता है।तभी हम अपने आप ये सवाल करते है। की भगवान है।की नहीं।।अगर हैं तो कहा पर है। दुःखी होना अलग बात है। ओर भगवान का अस्तित्व होना अलग बात है। ये तो निश्चय है।की इस दुनिया में भगवान का अस्तित्व है।इसका प्रमाण भी हमारे ग्रंथों मे है।ओर जब राम ओर रावण का युद्ध हुआ था। उस समय जो भगवान राम ने जो राम सेतु बनवाया था।जो रावण के महल लंका तक जाता है।वो आज भी हमारे भारत के नक्शे में दिखाई देता है।इसके प्रमाण भी दिखाए गए।फिर भी कई लोग भगवान के अस्तित्व को नकारते है। इन्हें हम नास्तिक कहते हैं।जो भगवान का है ही नहीं।अगर इस धरती पर कोई भी चीज या वस्तु है।तोह उसे बनाने वाला भी कोई है ये तोह हम सभी लोग जानते है।तो क्या ये धरती ये दुनिया ये ब्रम्हांड ये पाताल ये सब अपने आप बन गया।नहीं इसे बनाने वाला भी है।ओ...

इंसान का दिमाग कैसे उमर के साथ बदलता है

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  इंसान का दिमाग कैसे उमर के साथ बदलता है। इंसान का दिमाग बहुत ही शक्तिशाली है।भगवान ने इसकी रचना बहुत ही सोच समझ की है।क्योंकि ये हमारी पूरी बॉडी को cantrol करता है।ये दिमाग बहुत ही पावरफुल है।इसके इस्तेमाल से इंसान कुछ भी कर सकता है।आज से राजा महाराजाओं के जमाने में किसी ने सोचा भी था। की इंसान कभी हवा में उठ पाएगा। इंसान घर पर बैठे बैठे दूर तक बात कर पाएगा। घंटों का सफर जल्दी तय कर पाएगा।इंसान के अंदर के बॉडी पार्ट देख पाएगा।कितनी सारी चीज आज possible हो गई है।क्या कोई उस जमाने में सोच सकता था। की ये सब हो पाएगा।लेकिन ये सब possible हुआ।ओर ये सब कैसे possible हुआ। सिर्फ ओर सिर्फ इंसान के दिमाग की वजह से,,आज हमें ये सब देख के बिल्कुल भी अचंभा नहीं होता।आज हम चांद पर पहुंच चुके है।तो क्या कभी ऐसा हो सकता है।की हम पूरे ब्रांड को पहचान पाए।या सूर्य तक पहुंच पाए।आज हम ये सब सोचते है।तोह नामुमकिन सा लगता है।लेकिन शायद भविष्य में ये भी possible हो जाए।पूरी जिंदगी हम अपने दिमाग का 1% ही use कर पाते है।अगर हम अपना दिमाग 100%use कर पाए।तो बहुत कुछ कर सकते है।दिमाग से ही कई मिलो दूर तक हम ...

मन वश मे कैसे करे एवं उसका हमारी बॉडी कनेक्शन

  मन को वश में कैसे करे एवं उसका          हमारी बॉडी के साथ कनेक्शन  हमारी बॉडी में भगवान मुंह तोह एक ही दिया है।जिससे हम सामने वाले इंसान के सामने अपनी बात रखते है।लेकिन इसके अलावा भी हमारी बॉडी में मन होता है। जो हमारे अंदर होता है।उस मन में हम कुछ बोलते है। तो वो बात सिर्फ सिर्फ हमारे तक ही रहती है।अगर बात सही है तो ही हम सामने वाले इंसान को बोलते है।हम जब भी कुछ अपने मन में बोलते है।तो आमरे लिप्स ओर मुंह से कोई आवाज नहीं होती।लेकिन वो हमें ही पता होता है।कि हमारे मन ने क्या बोला है। हम जो भी करते है। वो हम नहीं करते हमारे अंदर जो मन है। वो हमसे कराता है।मन हमारी पूरी बॉडी का स्वामी है।वो जो हमसे करने को कहता है। हमारी बॉडी उसे करती है।हमारी इंद्रियों को भी वही मन चलता है।हमारी इंद्रियों भोगों को देखती सुनती ओर खाती है।जब कभी आपको किसी चीज की लत लगती है।तो वो भी हमारा मन ही कराता है।अभी जो में ये लेख लिख रहा हु।शब्दों को बोलने वाला मेरा मन है।मेरे मुंह के लिप्स या कोई आवाज नहीं निकल रही है।बस मेरे हाथ की उंगली चल रही है।हम को भी गंदी चीज का सेवन करत...

एक आलसी मनुष्य भी अमीर बन सकता है।।

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 एक आलसी मनुष्य भी अमीर बन                        सकता है।   एक आलसी मनुष्य कैसे अमीर बन सकता है।को   अपने अंदर क्या क्या सुधार करके अमीर बन।     सकता है एक आलसी मनुष्य का जीवन कैसा होता है। ये तो आप सभी जानते ही है।आलसी मनुष्य कैसे होता है।आलसी मनुष्य भी वो होता है। जो अपने हर काम को कल पर छोड़ देता है। ओर हर काम को करने पर आलस करता है।आलसी मनुष्य का जीवन नरक की तहर होता है।जिसका का महत्व नहीं होता।जो जिंदा तो है।पर किसी काम का नहीं है।आलसी मनुष्य के अंदर कई कारण होते है।वो अंदर से टूटा हुआ होता है।ओर उसके अंदर बुरे ख्याल आते है।ओर नेगीविटी से भरा होता है।ओर वो अपने मन का गुलाम होता है। जो मन उसे करने को कहता है।वो वही काम करता है।अपने के विरुद्ध जाने की उसकी हिम्मत नहीं होती मनुष्य को चाहिए कि वो अपने मन की बात न माने मन के विरुद्ध रहे। क्यूं मन बड़ा ही चंचल होता है।इधर उधर भागना उसका काम होता है।ओर वो आलसी मनुष्य को भटकता रहता है।मनुष्य को चाहिए कि जो उसका मन कहे पहले अपने दिमाग से उसका तर्...

जीवन में दुखो का आना अच्छा संकेत होता है।।

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   जीवन में दुखो का आना अच्छा                       संकेत होता है। जीवन में दुखो का आना अच्छा क्यों कहा गया है।जब जीवन में दुखो का आगमन होता है।तो मनुष्य मजबूत होता है।इसलिए कहा जाता है।दुख का आना अच्छा होता है।ऐसा हमारे ग्रंथों में भी लिखा हुआ है। की मनुष्य के जीवन में सुख ओर दुख जीवन का आधार है। जो मनुष्य इन दो पहलुओं में समान अवस्था में हो वही ही सुखी है। ऐसे तोह हमारी पृथ्वी में भी गर्मी ओर सर्दी दोनों ही आती है। वातावरण भी एक सामान नहीं रहता। उसी प्रकार हमारा जीवन भी कुछ ऐसा हैं।समय भी किसी का सामान नहीं रहता कभी दुख होता है तो कभी सुख होता है हमे चाहिए कि हम एक सामान रहे अगर दुख आए तो हम ज्यादा रोए न ओर अगर सुख आय तो ज्यादा खुश न हो। क्योंकि आपको पता है कि ज्यादा खुश होने पर लोगों की नजर भी लग सकती है।ओर जब दुख आता है। तोह लोग रोते है।ओर रो रो कर लोगो को अपना दुखड़ा सुनते है और कहते है।हमारा नसीब ही खराब है।भगवान ने ये हमारे नसीब में क्यों लिखा है।दुख नसीब में लिखने की बात है। तोह ये सबके नसीब में भगवान ने लिखा ...